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  बात बहुत पुरानी नहीं है- वृन्दावन में गोस्वामी बिंदुजी महाराज नाम के एक भक्त रहते थे । वे काव्य रचना में प्रवीण थे । श्रीबिहारीजी महाराज उनके प्राणाराध्य थे । अतः प्रतिदिन एक नवीन रचना श्रीबिहारीजी महाराज को सुनाने के लिए रचते और सांय कल में जब बिहारीजी केRead More →